Image

जल जीवन मिशन से बदला जीवन

रायपुर,

जल जीवन मिशन से बदला जीवन

केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन ने दूरस्थ अंचलों में ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। मिशन के तहत हर घर तक नल से जल पहुंचने से विशेषकर महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें रोज़ाना पानी के इंतजाम में घंटों समय नहीं बिताना पड़ता, जिससे वे आजीविका, बच्चों की देखभाल और परिवार को अधिक समय दे पा रही हैं।

सोलर आधारित पेयजल योजना से दूरस्थ गांव को मिला लाभ

    जिला गरियाबंद के बिंद्रानवागढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत की बसाहट महेंद्रगढ़ में मिशन के तहत सोलर आधारित पेयजल योजना संचालित की जा रही है। मुख्य मार्ग से लगभग दो किलोमीटर कच्ची सड़क और जंगल से गुजरकर इस गांव तक पहुंचा जाता है। मिशन के अंतर्गत यहां प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 55 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। बसाहट के सभी घरों में नल कनेक्शन प्रदान कर सुरक्षित पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

पहले हैंडपंप और तालाब पर निर्भर थे ग्रामीण

     खेती और मजदूरी पर आश्रित महेंद्रगढ़ के ग्रामीण पहले गांव के दो हैंडपंप, तीन कुओं और 1-2 किलोमीटर दूर स्थित तालाब पर निर्भर थे। वर्षा जल पर निर्भरता के कारण वर्ष में 4-5 महीनों तक गंभीर जल संकट बना रहता था। गांव की श्रीमती दूरपत बाई बताती हैं कि पहले कुएं और तालाब से पानी लाना अत्यंत कठिन था। बरसात में पानी गंदा हो जाता था, जिससे खाना बनाना और बर्तन धोना मुश्किल हो जाता था तथा पेट संबंधी समस्याएं भी होती थीं। अब घर में नल लगने से स्वच्छ पानी आसानी से उपलब्ध हो रहा है। इससे स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और घरेलू कार्यों में सुविधा बढ़ी है।

महिलाओं को मिली राहत, बच्चों की पढ़ाई में सुधार

    गांव की बुजुर्ग दासो बाई बताती हैं कि नल कनेक्शन मिलने के बाद महिलाओं और बच्चों को रोज़ हैंडपंप या कुएं पर जाने की आवश्यकता नहीं रही। इससे घरेलू कार्य व्यवस्थित हुए हैं और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं हो रही है। अब पर्याप्त पानी मिलने से ग्रामीण अपने घरों में साग- सब्जी भी उगा रहे हैं, जिससे पोषण स्तर में भी सुधार हो रहा है।

समग्र विकास की ओर बढ़ता कदम

     जल जीवन मिशन के माध्यम से न केवल स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य, समय प्रबंधन और आर्थिक गतिविधियों में भी सकारात्मक बदलाव आया है। यह योजना ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल साबित हो रही है।

Releated Posts

सात जन्मों का साथ निभाने का वादा, पर मिली बेवफाई! महिला का शव फांसी के फंदे से लटका मिला

बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक शादीशुदा महिला की घर के कमरे में फांसी के फंदे पर…

ByByNandni Manik Feb 25, 2026

विधानसभा बजट सत्र का आज तीसरा दिन, नशीले पदार्थ और स्वास्थ्य मिशन पर हंगामे के आसार; राज्यपाल के अभिभाषण पर होगी विस्तृत चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज तीसरा दिन हंगामेदार रहने वाला है। सदन में प्रश्नोत्तर, ध्यानाकर्षण…

ByByNandni Manik Feb 25, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top