सुकमा. जिले के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों तक शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने कोंटा विकासखंड के अंतिम छोर पर स्थित करीगुण्डम और निमलगुड़ा गांवों का दौरा किया. नदी-नालों और घने जंगल-झाड़ियों को पार करते हुए कलेक्टर सहित प्रशासनिक अमला बाइक से गांवों तक पहुंचा और ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की.
दौरे के दौरान कलेक्टर अमित कुमार और एसपी किरण चव्हाण सीधे ग्रामीणों के घरों तक पहुंचे और उनसे संवाद कर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली. उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण, शौचालय निर्माण तथा अन्य विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए.
कलेक्टर के साथ जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर और डीएफओ अक्षय भोंसले भी मौजूद रहे. इस दौरान शिक्षित स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मौके पर ही शिक्षादूत, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, फड़ मुंशी, सेल्समैन और आंगनबाड़ी सर्वेक्षक जैसे पदों पर शिक्षित युवाओं को चिन्हांकित कर नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए. प्रशासन की इस पहल से युवाओं में उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया. कलेक्टर ने स्व सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बताया कि शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर क्षेत्र में ईमली की खरीदी स्व सहायता समूहों के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी, जिससे ग्रामीणों और समूहों को आर्थिक लाभ मिलेगा.
राशन वितरण की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने राशन वितरण में नियमितता और पारदर्शिता लाने के निर्देश दिए. ग्रामीणों ने इस दौरान पेयजल और बिजली व्यवस्था को और बेहतर बनाने की मांग रखी, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों को त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
निमलगुड़ा गांव में विकास कार्यों को गति देने के लिए कलेक्टर ने तालाब गहरीकरण, भूमि समतलीकरण, देवगुड़ी निर्माण और सड़क निर्माण के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया. ग्रामीणों से संवाद के दौरान कलेक्टर ने पूछा कि उन्हें नियमित रूप से राशन मिल रहा है या नहीं, सभी का आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड बना है या नहीं, बैंक खाते खुले हैं या नहीं, वन उपज संग्रहण हो रहा है या नहीं तथा प्रसव के लिए अस्पताल जाते हैं या नहीं. ग्रामीणों ने अधिकांश व्यवस्थाओं के संतोषजनक होने की जानकारी दी.प्रशासनिक टीम के इस दौरे से दूरस्थ गांवों में शासन के प्रति विश्वास और सकारात्मक माहौल देखने को मिला. ग्रामीणों ने पहली बार वरिष्ठ अधिकारियों को अपने घर तक पहुंचते देख खुशी जताई और विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया.