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स्वास्थ्य विभाग में अपात्रों को पदोन्नति का मामला! लेन-देन के आरोपों के बीच जांच को नजरअंदाज कर किए गए फैसले

रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में लिपिक पदोन्नति को लेकर गंभीर अनियमितता और अवैध वसूली के आरोप लगे हैं. संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं बिलासपुर डॉ. अनिल गुप्ता और उनकी पदोन्नति समिति के सदस्यों, स्थापना प्रभारी अधिकारी तथा स्थापना प्रभारी लिपिक पर अपात्र कर्मचारियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा है.

शिकायतकर्ता के अनुसार, विभाग ने प्रतीक्षा सूची में फेरबदल कर अपात्र लिपिकों को पदोन्नति दी गई है. 16 फरवरी 2026 को जारी पत्र प्रतीक्षा सूची प्रकाशित की गई, जिसका जावक क्रमांक 309 है, लेकिन 30 दिन बाद 17 मार्च 2026 को जारी पदोन्नति आदेश में जावक क्रमांक घटकर 55 हो गया. इस तरह षड्यंत्र कर अवैध वसूली और गड़बड़ी का खेल होने का दावा किया जा रहा है.

क्यों नहीं होना चाहिए पदोन्नति?

शासन के नियमानुसार, किसी लिपिक या शासकीय कर्मचारी का पदोन्नति के पूर्व वरिष्ठ के साथ-साथ उन कर्मचारियों की 5 साल के चरित्र प्रमाण पत्र एवं चल संपत्ति विवरण अनिवार्य होता है. लेकिन पांच ऐसे लिपिकों की पदोन्नति की गई है, जिनकी पदोन्नति के लिए द्वारा फरवरी में जारी पत्र में उनका ना तो चरित्र प्रमाण पत्र मांगा गया है, और ना ही चल संपत्ति का विवरण मांगा गया है. और न ही उस पत्र उनके नाम का उल्लेख है.

पूर्व में भी नियम उल्लंघन के आरोप

इसी पदोन्नति समिति, स्थापना प्रभारी अधिकारी और लिपिक पर पहले विभिन्न संवर्गों में नियम तोड़कर पदोन्नति देने के आरोप लग चुके हैं. संभागायुक्त कार्यालय में इस संबंध में शिकायत की जांच चल रही है, जिसमें लेन-देन के प्रमाण भी बताए गए हैं. इसके बावजूद कथित तौर पर कूट रचना कर नई पदोन्नति की गई.

लल्लूराम डॉट कॉम की टीम ने डॉ. संभागीय संयुक्त संचालक डॉ अनिल गुप्ता को उनके पक्ष जानने के फ़ोन पर बात की. डॉ. अनिल गुप्ता ने ‘आपको जो कहना है लिखित में कार्यालय में दें’ कहते हुए फ़ोन काट दिया. दोबारा कॉल करने पर कोई जवाब नहीं मिला.

स्वास्थ्य मंत्री को शिकायत

इस मामले में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से शिकायत की गई है. विभागीय जांच की मांग की जा रही है ताकि अपात्रों को मिला लाभ रद्द हो और दोषियों पर कार्रवाई हो.

अपात्र बताए जा रहे ये लिपिक

पदोन्नति आदेश में शामिल कुछ ऐसे नाम जिन्हें नियमों के अनुसार पदोन्नति नहीं मिलनी चाहिए थी, लेकिन नियम विपरीत पदोन्नति दी गई है.

वरिष्ठता क्रमांक 83, विवेक राज, PHC दलहा पोडी
वरिष्ठता क्रमांक 100 -विजेंद्र थवाईत CMHO कार्यालय कोरबा में पदस्थ
वरिष्ठता क्रमांक 101 -कत्रापति ललिता, PHC गनियारी
वरिष्ठता क्रमांक 105 -मनीषा सोनी, PHC राहौद
वरिष्ठता क्रमांक 115- शशांक वर्मा, PHC हरदी कला

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