छत्तीसगढ़ के पचपेड़ी में बहन की डांट से नाराज होकर बालक ने ईंट भट्ठे में लगाया फंदा, पुलिस जांच में जुटी।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां महज 11 साल के एक मासूम बच्चे ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह हृदयविदारक घटना पचपेड़ी थाना क्षेत्र के कुकर्दीकला स्थित एक ईंट भट्ठे की है, जहां बच्चे के परिजनों में इस कदम के बाद से कोहराम मचा हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना के समय बच्चे के माता-पिता काम पर गए हुए थे और वह अपनी बहन के साथ घर पर अकेला था। बताया जा रहा है कि बच्चा नदी जाने की जिद कर रहा था, लेकिन उसकी बहन ने सुरक्षा कारणों से उसे जाने से मना कर दिया। बहन की इसी बात से नाराज होकर बालक ने झोपड़ी के अंदर खौफनाक कदम उठाते हुए फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।
घटना का खुलासा तब हुआ जब उसकी बहन नहाकर वापस लौटी और उसने अपने भाई को फंदे पर लटका हुआ पाया। बहन के शोर मचाने पर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चे को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
पुलिस की कार्रवाई और पृष्ठभूमि सूचना मिलने पर पचपेड़ी थाना पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। यह परिवार कुकर्दीकला के ईंट भट्ठे पर काम करता था और मूलतः श्रमिक पृष्ठभूमि से है।
प्रभाव और विश्लेषण इस घटना ने स्थानीय समाज और अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों में बढ़ती संवेदनशीलता और छोटी-छोटी बातों पर आवेश में आकर ऐसे आत्मघाती कदम उठाना एक गंभीर चिंता का विषय है। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की काउंसलिंग और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल, मासूम की मौत से पूरे कुकर्दीकला इलाके में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।