• Home
  • छत्तीसगढ़
  • छत्तीसगढ़ में पूर्व सीएम भूपेश बघेल का बड़ा हमला: भ्रष्टाचार और नक्सलवाद को लेकर सरकार को घेरा, Z+ सुरक्षा छोड़ने की दी चुनौती
Image

छत्तीसगढ़ में पूर्व सीएम भूपेश बघेल का बड़ा हमला: भ्रष्टाचार और नक्सलवाद को लेकर सरकार को घेरा, Z+ सुरक्षा छोड़ने की दी चुनौती

बिलासपुर पहुंचे भूपेश बघेल ने PWD और कृषि विभाग में भ्रष्टाचार के लगाए आरोप; कहा- बस्तर से कैंप हटने पर ही खत्म माना जाएगा नक्सलवाद।

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को बिलासपुर दौरे के दौरान प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के भाई के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे बघेल ने मीडिया से चर्चा करते हुए भ्रष्टाचार, नक्सलवाद और धर्मांतरण कानून समेत कई ज्वलंत मुद्दों पर सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

भ्रष्टाचार और कार्यशैली पर उठाए सवाल पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदेश में ऐसा कोई विभाग नहीं बचा है जहाँ भ्रष्टाचार न हो रहा हो। उन्होंने विशेष रूप से पीडब्ल्यूडी (PWD) और कृषि विभाग का जिक्र करते हुए कहा कि PWD में टेंडर प्रक्रिया से पहले ही वर्क ऑर्डर जारी किए जा रहे हैं। कृषि विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि विभाग अब अफीम और गांजे की खेती को बढ़ावा दे रहा है, जिससे सरकार की प्राथमिकताएं संदिग्ध नजर आती हैं। साथ ही उन्होंने कथित ‘साड़ी घोटाले’ को लेकर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

सुरक्षा और नक्सलवाद पर सरकार को चुनौती नक्सलवाद की समाप्ति के सरकारी दावों पर तंज कसते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि यदि भाजपा सरकार को अपनी सफलता पर इतना ही भरोसा है, तो उनके मंत्रियों और विधायकों को अपनी जेड प्लस (Z+) सुरक्षा छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद की वास्तविक समाप्ति तब मानी जाएगी, जब बस्तर के संवेदनशील इलाकों से सुरक्षा बलों के कैंप हटने लगेंगे। उन्होंने सरकार से पूछा कि यदि नक्सलवाद खत्म हो गया है तो भारी सुरक्षा घेरे की क्या आवश्यकता है?

जनता की समस्याओं और धर्म पर राजनीति का आरोप बघेल ने प्रदेश में पेयजल की समस्या को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में जनता पानी के लिए तरस रही है, लेकिन गलियों में शराब की नदियां बह रही हैं। धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर राज्यपाल के हस्ताक्षर को उन्होंने शुद्ध राजनीति करार दिया और कहा कि जबरिया धर्मांतरण के खिलाफ उनकी सरकार ने भी कड़ी कार्रवाई की थी。 उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

भूपेश बघेल के इन तीखे हमलों से छत्तीसगढ़ की राजनीति में आने वाले दिनों में टकराव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। भ्रष्टाचार और नक्सलवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विपक्ष का यह रुख सरकार के लिए रक्षात्मक स्थिति पैदा कर सकता है। विशेष रूप से जेड प्लस सुरक्षा छोड़ने की चुनौती देकर बघेल ने सुरक्षा दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है, जिसका असर आम जनता और सुरक्षा नीतियों की चर्चाओं पर पड़ना तय है।

फिलहाल, पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि विपक्ष सरकार की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने और सवाल पूछने वालों पर कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया है। आने वाले समय में विधानसभा से लेकर सड़क तक इन मुद्दों पर राजनीतिक पारा और चढ़ने की संभावना है।

Releated Posts

रिटायरमेंट फंड के नाम पर रिश्वत मांगने वाला क्लर्क दोषी, कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा

अंबिकापुर। सेवानिवृत्त प्रधान पाठक से रिटायरमेंट के बाद अवकाश नगदी करण और सातवें वेतनमान की एरियर्स राशि निकलवाने…

ByByNandni Manik Apr 10, 2026

मिवान स्टील प्लांट में काम ठप, सैकड़ों मजदूर हड़ताल पर; मांगें न मानी गईं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

रायपुर। रायपुर के मंदिर हसौद स्थित मिवान स्टील प्लांट में कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल…

ByByNandni Manik Apr 10, 2026

ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत बड़ी कार्रवाई, फर्जी सिम कार्ड गिरोह के 7 आरोपी गिरफ्तार, दुर्ग-रायपुर के साथ पश्चिम बंगाल से भी पकड़े गए

 रायपुर। ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत कार्रवाई करते हुए रायपुर पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड बेचने वाले 7 आरोपी…

ByByNandni Manik Apr 10, 2026

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का कांग्रेस पर हमला—बोलीं, उनके शासन में चरम पर था भ्रष्टाचार, साड़ी का होता था गलत इस्तेमाल

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग में साड़ी घोटाले को लेकर हंगामा मचा हुआ है। आंगनबाड़ी…

ByByNandni Manik Apr 10, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top