ठगों ने बैंक खाता बंद होने का झांसा देकर व्हाट्सऐप पर भेजा था लिंक, पुलिस ने शुरू की जांच।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में ठगों ने एक महिला को बैंक अधिकारी बनकर अपना शिकार बनाया और उसके बैंक खातों से करीब 5.78 लाख रुपये पार कर दिए। ठगों ने बड़ी ही चालाकी से महिला का मोबाइल फोन हैक किया और पलक झपकते ही बड़ी रकम उड़ा ली।
यह पूरा मामला रायपुर के पंडरी थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, मोवा स्थित गेलेन्डर विहार की निवासी 42 वर्षीय प्रतीमा मसीह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता के मुताबिक, 31 मार्च को उनके पास अज्ञात नंबरों से फोन आया था। कॉल करने वालों ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उनका बैंक खाता बंद हो गया है। ठगों ने खाता दोबारा चालू करने का झांसा देकर पीड़िता को व्हाट्सऐप पर एक लिंक भेजा और उसे खोलने को कहा।
ठगों की बातों में आकर महिला ने जैसे ही उस लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके बाद आरोपियों ने महिला के दो अलग-अलग बैंक खातों में सेंध लगाई। ठगों ने यूको बैंक (UCO Bank) के खाते से करीब 4.58 लाख रुपये और इंडियन बैंक (Indian Bank) के खाते से 1.19 लाख रुपये निकाल लिए। इस तरह पीड़िता को कुल 5,78,821 रुपये का चूना लगाया गया।
जनता पर प्रभाव और विश्लेषण: यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि साइबर अपराधी अब तकनीकी रूप से और भी घातक हो गए हैं। सिर्फ एक क्लिक से मोबाइल हैक कर पूरी बैंकिंग डिटेल्स चोरी करना आम जनता के लिए बड़ा खतरा है। बैंकिंग सेवाओं के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल्स और संदिग्ध लिंक के प्रति जागरूकता की भारी कमी देखी जा रही है, जिसका फायदा ये ठग उठा रहे हैं।
वर्तमान स्थिति और पुलिस की कार्रवाई: पंडरी पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारी अब उन मोबाइल नंबरों की जांच कर रहे हैं जिनसे पीड़िता को कॉल आया था। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने मोबाइल पर आए लिंक को न खोलें। किसी भी बैंक संबंधित समस्या के लिए सीधे अपनी बैंक शाखा से संपर्क करें और व्हाट्सऐप या मैसेज पर आने वाली बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें।