अंबिकापुर। सेवानिवृत्त प्रधान पाठक से रिटायरमेंट के बाद अवकाश नगदी करण और सातवें वेतनमान की एरियर्स राशि निकलवाने के एवज में बीईओ ऑफिस का क्लर्क रिश्वत लेते हुए धरा गया गया था. मामले की सुनवाई करते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत ने तीन साल कैद और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है.
प्रकरण का प्रार्थी बरनाबस मिंज पिता स्व० गेंदा मिंज (65 वर्ष) ग्राम शांतिपारा, ग्राम पंचायत भटको, थाना व तह० बतौली, जिला सरगुजा के द्वारा 17 सितम्बर को एसीबी कार्यालय अम्बिकापुर में शिकायत किया गया था कि वह वह 28 फरवरी 2017 को पूर्व माध्यमिक शाला घोघरा, विकासखण्ड बतौली से प्रधान पाठक के पद से सेवानिवृत्त हुआ था.
सेवानिवृत्त होने के पश्चात् उसे केवल ग्रेच्युटी पे के रूप में 15 लाख रुपए की राशि प्राप्त हुआ है, किन्तु अवकाश नगदीकरण की राशि 6 लाख रुपए एवं सातवे वेतनमान का ऐरियर्स राशि 1 लाख रूये प्राप्त नहीं हुआ था. जल्द से जल्द भुगतान करने के एवज में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बतौली में पदस्थ आरोपी लेखापाल सहायक ग्रेड-02, प्रमोद गुप्ता के द्वारा प्रार्थी से 5 हजार रुपए ले दिया गया था.
प्रार्थी के शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोपी प्रमोद गुप्ता के द्वारा अवकाश नगदीकरण की राशि 6 लाख रुपए का बिल बनाने के लिये 60 हजार रुपए एवं सातवे वेतनमान के एरियर्स की राशि का बिल बनाने के लिये 10 हजार रुपए मांग किया गया तथा सातवे वेतनमान के एरियर्स की राशि का बिल बनाकर कोषालय में जमा करने के लिये 10 हजार रुपए देना ही पड़ेगा कहा गया.
शिकायत सत्यापन के पश्चात 30 दिसंबर 2020 को ट्रेप कार्यवाही आयोजित किया गया तथा कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड बतौली, जिला सरगुजा के स्थापना / लेखा कक्ष में आरोपी प्रमोद कुमार गुप्ता को प्रार्थी बरनाबस मिंज रिश्वती रकम 10,000/ रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा जाकर गिरफ्तार किया गया.
प्रकरण में विवेचना पूर्ण होने के पश्चात् 16 जुलाई 2021 को आरोपी के विरूद्ध विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अम्बिकापुर जिला सरगुजा में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया. माननीय न्यायालय में विचारण उपरांत 9 अप्रैल को आरोपी प्रमोद गुप्ता सेवा निवृत्त सहायक ग्रेड-02 को 3 वर्ष का कारावास एवं 5000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है.