सेक्टर-7 के 110 घरों का हुआ सर्वे, दूषित पानी की आशंका के बीच निगम ने टैंकरों से शुरू की जलापूर्ति।
छत्तीसगढ़ के भिलाई (दुर्ग) स्थित सेक्टर-7 इलाके में पीलिया (Jaundice) का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा किए गए सर्वे में 15 नए मरीजों की पहचान की गई है। अब तक इलाके में कुल 25 बच्चे इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में डर का माहौल बना हुआ है।
पूरा घटनाक्रम और प्रशासन की कार्रवाई पीलिया का मुख्य केंद्र सड़क 37-38 के आसपास का क्षेत्र बना हुआ है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र के 110 घरों का सघन सर्वे किया है。 जांच के दौरान दो बच्चों की स्थिति गंभीर पाई गई, जिन्हें तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि चार अन्य बच्चों का उपचार अभी जारी है。 स्वास्थ्य टीम ने पानी के तीन सैंपल लेकर जांच के लिए चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज की लैब में भेजे हैं。
पुरानी पाइपलाइन बदलने का काम शुरू संक्रमण फैलने का प्राथमिक कारण नालियों और गटर में डूबी पुरानी पाइपलाइनों से होने वाला रिसाव माना जा रहा है। बीएसपी (BSP) प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुरानी पाइपलाइनों को हटाकर नई लाइन डालने का काम शुरू कर दिया है。 जब तक पाइपलाइन दुरुस्त नहीं होती, तब तक भिलाई नगर निगम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पीने के पानी की सप्लाई की जा रही है。
अधिकारियों की अपील और बचाव के उपाय सिविल अस्पताल सुपेला के प्रभारी डॉ. पियाम सिंह और जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट रितिका सोनवानी सहित विशेषज्ञों की टीम ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया है。 डॉक्टरों का कहना है कि पीलिया दूषित जल और भोजन से फैलता है, जिसके लक्षण (जैसे भूख न लगना, पेशाब का पीला होना और कमजोरी) 15 से 50 दिनों के भीतर दिखाई देते हैं。 प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे पानी उबालकर पिएं, बाहर के खाने से परहेज करें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
प्रभाव और विश्लेषण भिलाई के इस रिहायशी इलाके में फैला संक्रमण शहरी बुनियादी ढांचे, विशेषकर पुरानी जल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नालियों के भीतर से गुजरने वाली पाइपलाइनें जन स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा साबित हो रही हैं। यदि समय रहते पूरे क्षेत्र की पाइपलाइन नहीं बदली गई, तो यह बीमारी अन्य वार्डों में भी महामारी का रूप ले सकती है। इसका सीधा असर आम जनता, विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है।
वर्तमान में स्थिति प्रशासन की निगरानी में है, लेकिन संक्रमण के नए मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। आने वाले कुछ दिन भिलाई नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण होंगे। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण के सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी