‘मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना’ के तहत एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों को हर महीने मिलेंगे 3,000 रुपये तक।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में पढ़ने वाले छात्रों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी राहत भरी घोषणा की है। अब प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे उन छात्रों को किराये की चिंता नहीं करनी होगी जिन्हें सरकारी हॉस्टल में जगह नहीं मिल पाती है। सरकार ने ऐसी स्थिति में छात्रों को सीधे आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है।
इस नई व्यवस्था को ‘मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना’ के नाम से लागू किया जाएगा। योजना के ड्राफ्ट के अनुसार, रायपुर में रहने वाले पात्र छात्रों को 3,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जबकि अन्य संभागीय मुख्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को 2,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। इस योजना का प्राथमिक लाभ अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) स्तर के छात्रों को मिलेगा।
क्यों पड़ी इस योजना की जरूरत? प्रदेश में वर्तमान में संचालित पोस्ट-मैट्रिक छात्रावासों में सीटों की संख्या सीमित है, जिसके कारण हर साल एक बड़ी संख्या में छात्र प्रवेश से वंचित रह जाते थे। मजबूरी में इन छात्रों को या तो कॉलेज से बहुत दूर स्थित निजी कमरों में रहना पड़ता था या फिर महंगे किराये का बोझ उठाना पड़ता था। छात्रों की इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने पुरानी ‘छात्रगृह योजना’ को बंद कर इस नई और अधिक प्रभावी व्यवस्था को लाने का फैसला किया है, ताकि छात्र अपने कॉलेज या यूनिवर्सिटी के समीप ही निवास कर सकें।
सीधा असर और लाभ सरकार के इस कदम से उन हजारों छात्रों को संबल मिलेगा जो आर्थिक तंगी के कारण बड़े शहरों में पढ़ाई करने से कतराते थे। अब छात्र अपनी पसंद के अनुसार कॉलेज के पास किराये का मकान ले सकेंगे, जिससे उनके समय और यात्रा खर्च की भी बचत होगी। यह कदम प्रदेश में उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने और ड्रॉप-आउट रेट को कम करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
वर्तमान स्थिति योजना का आधिकारिक ड्राफ्ट पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। सरकार की योजना है कि इसे आगामी जून से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र (2026-27) से ही प्रभावी ढंग से लागू कर दिया जाए। इससे नए सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों को शुरुआत से ही इस सुविधा का लाभ मिलना सुनिश्चित हो सकेगा।