• Home
  • छत्तीसगढ़
  • दुर्ग में किसानों का हल्लाबोल: 40 साल से नहीं मिला जमीन का मुआवजा, ग्रामीणों ने घेरा कलेक्टर कार्यालय
Image

दुर्ग में किसानों का हल्लाबोल: 40 साल से नहीं मिला जमीन का मुआवजा, ग्रामीणों ने घेरा कलेक्टर कार्यालय

धमधा ब्लॉक के 17 किसानों की जमीन 1983 में हुई थी अधिग्रहित; जर्जर स्कूल भवन को लेकर भी ग्रामीणों ने जताया कड़ा विरोध।

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शुक्रवार को किसानों और ग्रामीणों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। धमधा ब्लॉक के परसकोल और खैरझीटी गांव के करीब 300 से 400 ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। किसान बंधु संगठन के नेतृत्व में पहुंचे इन ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और 40 वर्षों से लंबित भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की मांग दोहराई।

45 सालों का इंतजार और वादाखिलाफी प्रदर्शन का मुख्य केंद्र 1983-84 में गोरपा नहर निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन है। किसान नेता टेक सिंह चंदेल ने बताया कि करीब 40-45 साल पहले परसकोल और खैरझीटी के 17 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी, लेकिन आज तक उन्हें एक रुपया भी मुआवजा नहीं मिला है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार जनदर्शन में आवेदन दिए, लेकिन उन्हें केवल कोरा आश्वासन ही मिला। जनवरी 2026 में भी कलेक्टर ने मार्च तक मुआवजे का भरोसा दिया था, जो अब तक अधूरा है।

जमीन वापस करें या बाजार मूल्य पर दें मुआवजा पीड़ित किसानों ने प्रशासन के सामने दो टूक मांग रखी है कि या तो उन्हें वर्तमान बाजार दर पर मुआवजा दिया जाए या फिर उनकी जमीन वापस कर दी जाए। इसके साथ ही इतने वर्षों तक जमीन के उपयोग के बदले क्षतिपूर्ति की भी मांग की गई है। पीड़ित किसान कमल नारायण सुपंथक ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि मुआवजा न मिलने और जमीन का खाता बंटवारा न हो पाने के कारण परिवारों में आपसी विवाद बढ़ रहे हैं और वे आर्थिक तंगी झेलने को मजबूर हैं।

जर्जर स्कूल में बच्चों का भविष्य संकट में भूमि मुआवजे के अलावा ग्रामीणों ने खैरझीटी गांव के प्राथमिक स्कूल की बदहाली का मुद्दा भी उठाया। ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसके कारण पिछले दो सालों से बच्चों की कक्षाएं पंचायत भवन में लग रही हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुराने भवन को तोड़कर जल्द ही नया स्कूल भवन या अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए जाएं।

प्रशासनिक हस्तक्षेप और आश्वासन मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर की अनुपस्थिति में तहसीलदार ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। तहसीलदार के आश्वासन के बाद कि शाम को किसानों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कलेक्टर से कराई जाएगी, धरना समाप्त किया गया। बाद में कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इन शिकायतों के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए और किसानों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई की जाएगी।

प्रभाव और विश्लेषण यह मामला प्रशासनिक सुस्ती और किसानों के प्रति उदासीनता का एक गंभीर उदाहरण है। चार दशकों तक मुआवजे का न मिलना न केवल किसानों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पारिवारिक ढांचे पर भी नकारात्मक असर पड़ा है। यदि प्रशासन जल्द ही मुआवजा और स्कूल भवन जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा नहीं करता, तो क्षेत्र में जनाक्रोश और बढ़ सकता है, जिससे आगामी समय में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद किसान वापस लौट गए हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगे। अब देखना यह होगा कि 40 साल से अटका यह मामला फाइलों से निकलकर धरातल पर कब तक सुलझ पाता है।

Releated Posts

लग्जरी कार में घूमकर चेन स्नैचिंग—भीड़भाड़ वाले इलाकों में वारदात, 7 महिलाओं का गैंग और ड्राइवर गिरफ्तार

रायपुर. राजधानी रायपुर में लग्जरी वाहन से घूम-घूमकर चेन स्नैचिंग करने वाले शातिर महिलाओं के एक गैंग को पुलिस…

ByByNandni Manik Apr 11, 2026

वार्ड अध्यक्ष सूची रद्द होने पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव का तंज—कांग्रेस आपसी कलह में ही सिमट रही है

रायपुर। रायपुर कांग्रेस वार्ड अध्यक्षों की सूची को निरस्त किए जाने पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तंज…

ByByNandni Manik Apr 11, 2026

सेंट्रल जेल से आरोपियों का दबंगई भरा रील वायरल—प्रशासन में हड़कंप, मुलाकात पर रोक

बिलासपुर. बिलासपुर में मस्तूरी गोलीकांड के आरोपियों का जेल से रील बनाकर सोशल मीडिया में वायरल करने का…

ByByNandni Manik Apr 11, 2026

उत्कृष्ट खिलाड़ी सूची पर अंतिम दौर में चयन—खेल मंत्री अरुण साव बोले, जल्द होगा फैसला

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले सैकड़ों खिलाड़ी पिछले 7-8…

ByByNandni Manik Apr 11, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top