रायपुर के ILS अस्पताल में बड़ा हादसा: चौथे फ्लोर की छत गिरने से 4 से ज्यादा मरीज घायल, मची अफरा-तफरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर स्थित ILS अस्पताल में शुक्रवार रात एक बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल के चौथे फ्लोर की छत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे वहां इलाज करा रहे 4 से अधिक मरीज घायल हो गए। इस घटना के बाद पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मरीजों व कर्मचारियों के बीच डर व्याप्त हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब वार्ड में मरीजों का इलाज चल रहा था। अचानक तेज आवाज के साथ छत का मलबा नीचे आ गिरा, जिसकी चपेट में मरीज और उनके परिजन आ गए। घटना के तुरंत बाद अस्पताल स्टाफ ने राहत कार्य शुरू किया और मलबे में दबे व घायल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। सूचना मिलते ही न्यू राजेंद्र नगर पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए देर रात ही अस्पताल प्रबंधन और पीड़ित परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी है। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के साथ ही गंभीर रूप से चोटिल मरीजों को अस्पताल के अन्य सुरक्षित वार्डों में स्थानांतरित कर दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सभी घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हादसे का कारण और जांच प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि छत गिरने की मुख्य वजह निर्माण कार्य में तकनीकी खामी या भवन के पुराने ढांचे की कमजोरी हो सकती है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि असली कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल पाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों और इंजीनियरों की एक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
असर और जन-आक्रोश इस हादसे के बाद मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल भवन की गुणवत्ता और मेंटेनेंस (रखरखाव) को लेकर भारी नाराजगी जताई है। निजी अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का यह मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। विभागीय अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि अस्पताल प्रबंधन या निर्माण में कोई दोषी पाया जाता है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वर्तमान में अस्पताल की स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नजर है और घायलों का इलाज प्राथमिकता पर किया जा रहा है। तकनीकी टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस लापरवाही के लिए असल में कौन जिम्मेदार है। आने वाले दिनों में रायपुर के अन्य निजी अस्पतालों के स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग भी उठ सकती है