• Home
  • देश - विदेश
  • ग्रीनलैंड पर ट्रेड वॉर की आहट? खरीद–फरोख्त के ऐतिहासिक उदाहरण का हवाला देते हुए पुतिन ने ग्रीनलैंड की कीमत 250 मिलियन डॉलर बताई
Image

ग्रीनलैंड पर ट्रेड वॉर की आहट? खरीद–फरोख्त के ऐतिहासिक उदाहरण का हवाला देते हुए पुतिन ने ग्रीनलैंड की कीमत 250 मिलियन डॉलर बताई

ग्रीनलैंड पर अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति में चल रहे घमासान के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोप के जख्म कुरेद दिए हैं. रूस के राष्ट्रपति ने कहा है कि डेनमार्क ने हमेशा ग्रीनलैंड के साथ हमेशा एक कॉलोनी की तरह व्यवहार किया है और उसके साथ बहुत सख्ती और बेरहमी से पेश आया है. रूस के राष्ट्रपति ने बर्फ से भरे द्वीपों की खरीद बिक्री का कुछ ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए ग्रीनलैंड की कीमत लगाई है और कहा है कि आज के समय में इसकी कीमत 200 से 250 मिलियन डॉलर बैठती है. 250 मिलियन डॉलर रुपये में लगभग 23 अरब रुपये होते हैं. ये रकम एक बिलियन डॉलर से भी कम है. पुतिन ने कहा कि इस आईलैंड की ओनरशिप को लेकर चल रहे विवाद में रूस का कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा, “यह निश्चित रूप से हमसे जुड़ा हुआ नहीं है. मुझे लगता है कि वे इसे आपस में सुलझा लेंगे.” 

दुनिया के कूटनीतिक मंच पर ग्रीनलैंड के लिए सौदेबाजी हो रही है. इस बीच विस्तारवादी रहे यूरोप को रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने आईना दिखाया है और ग्रीनलैंड की कीमत लगाई है. ये कीमत है मात्र 23 अरब रुपये, पुतिन ने तंज कसते हुए कहा है कि – इतना तो अमेरिका दे ही सकता है.पुतिन ने यूरोप पर तंज कसा और कहा, “ग्रीनलैंड का एरिया 2.166 मिलियन स्क्वायर किलोमीटर से थोड़ा ज़्यादा है.” उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड और अलास्का के क्षेत्रफल में लगभग 449-450 हज़ार स्क्वायर किलोमीटर है. अगर हम इसकी तुलना अमेरिका द्वारा अलास्का के लिए चुकाई गई कीमत से करें तो ग्रीनलैंड की कीमत लगभग 200-250 मिलियन डॉलर के बीच होती है.

जिस आईलैंड पर कब्जा करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं, उसकी कीमत मात्र 23 अरब लगाकर पुतिन ने यूरोप को बता दिया है कि अमेरिका के सामने यूरोप का मोलभाव कितना कमजोर है.पुतिन ने 21 जनवरी 2026 को रूसी सुरक्षा परिषद की बैठक में ग्रीनलैंड पर लंबी बातचीत की. उन्होंने कहा कि यह मुद्दा रूस से कोई सरोकार नहीं रखता है और इसे डेनमार्क और अमेरिका को स्वयं सुलझाना चाहिए.दरअसल पुतिन यूरोप और अमेरिका के झगड़े को इत्मीनान से देख रहे हैं. क्योंकि इसी यूरोप के नेताओं से पिछले 4 सालों से यूक्रेन युद्ध में पुतिन को परेशान कर रखा है. जिस आईलैंड के लिए दुनिया का सर्वोच्च नेता कुछ भी करने को तैयार है, उसी आईलैंड की कीमत दुनिया के दूसरे सबसे शक्तिशाली नेता ने 23 अरब रुपये लगाकर यूरोप के जख्मों पर नमक रगड़ दिया है. पुतिन का ये बयान ट्रंप की मांग को सामान्य बनाता है, जैसे संप्रभुताओं का कोई मतलब नहीं हो और क्षेत्रों की खरीद-फरोख्त सामान्य बात हो. पुतिन ने ग्रीनलैंड की मामूली कीमत बताकर यूरोप को चिढ़ाया है, जैसे ग्रीनलैंड कोई सस्ता सौदा हो, जबकि यूरोप इसे संप्रभुता का मुद्दा मानता है.

Releated Posts

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में केंद्र सरकार के मुकदमों की पैरवी हेतु 36 अधिवक्ताओं का पैनल गठित, सूची जारी

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में केंद्र सरकार के मुकदमों (करों से संबंधित मामलों को छोड़कर) की पैरवी…

ByByNandni Manik Feb 23, 2026

Disha Patani के साथ रिश्ते की खबरों पर Talwiinder Singh Sidhu ने तोड़ी चुप्पी, कहा – “मुझे हर दिन प्यार महसूस होता है…

बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी (Disha Patani) इस समय सिंगर तलविंदर सिंह सिद्धू (Talwiinder Singh Sidhu) के साथ डेटिंग…

ByByNandni Manik Feb 5, 2026

ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं, आज SIR मामले की सुनवाई; मौजूदा मुख्यमंत्री के तौर पर पहली बार कोर्ट में रखेंगी अपना पक्ष

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को राज्य में मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण…

ByByNandni Manik Feb 4, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top