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वीरेंद्र–रोहित तोमर के समर्थन में भीड़ नहीं जुटी, 8 सूत्रीय मांगों को लेकर एडीएम को ज्ञापन सौंपा गया

रायपुर। राजधानी में राजपूत करणी सेना ने हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र और रोहित सिंह तोमर के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन यह महापंचायत अपेक्षित बड़े जनसैलाब के बजाय सीमित संख्या में लोगों के साथ ही संपन्न हुई। करणी सेना ने रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में महापंचायत करने की अनुमति नहीं मिलने के बाद हिस्ट्रीशीटरों के घर के बाहर पंडाल लगाकर प्रदर्शन किया।

बता दें कि इस आयोजन के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने पिछले महीने प्रदेशभर के जिलों में जाकर समर्थन जुटाने का प्रयास किया था और लाखों लोगों के जुटने का दावा किया था। लेकिन प्रदर्शन में अपेक्षित जनसैलाब के बजाय केवल 100-150 लोग ही शामिल हुए, जिससे आयोजन असफल नजर आया। कार्यक्रम के दौरान मंच से करणी सेना के पदाधिकारी और समर्थकों ने कई विवादित और आपत्ति जनक टिप्पणियाँ भी की।

भारी पुलिस बल की तैनाती के मद्देनजर कार्यक्रम किया रद्द, एडीएम को सौंपा ज्ञापन

महापंचायत के दौरान हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र और रोहित सिंह तोमर के समर्थन में गृहमंत्री विजय शर्मा के निवास घेराव की योजना बनाई गई थी। हालांकि, भारी पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा के मद्देनजर कार्यक्रम को तत्काल रद्द कर दिया गया। इसके बाद डॉ. राज शेखावत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी में एडीएम को राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि करणी सेना महिलाओं पर हुए अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाती है और हमारी आठ सूत्रीय माँगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन मिला है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में माँगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

राजपूत करणी सेना के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही रोक दिया गया, जिससे प्रदर्शन में अपेक्षित संख्या नहीं जुट सकी।

जनता ने महापंचायत से बनाई दूरी

आम जनता ने इस आयोजन को लेकर नाराजगी जताई है और आरोप लगाया है कि करणी सेना ऐसे हिस्ट्रीशीटरों के समर्थन में प्रदर्शन कर रही है, जिनके खिलाफ रायपुर के विभिन्न थानों में ब्लैकमेलिंग, सूदखोरी, मारपीट और धोखाधड़ी जैसी गंभीर धाराओं में दर्जनों मामले दर्ज हैं। यही कारण है कि जनता ने इस महापंचायत से दूरी बनाए रखी।

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